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Bengal violence – Jal raha bangal kyun ?? Best hindi kavita

Beautiful kavita on Bengal Violence …

एक मानव की महत्व कांक्षा

मानवता से बड़ी हो गयी

जल रहा बंगाल क्यूँ

तानाशाही की हद्द हो गयी

करा रही मानवता

रो रही इंसानियत

भाई भाई का दुश्मन बन बैठा

जिस मिटटी ने मान दिया , सम्मान दिया

वहां रक्षक ही भक्षक बन बैठा

नारी की अशमिता खतरे में है

जहाँ पूजी जाती दुर्गा का रूप

किधर जा रहा बंगाल हमारा

रो रो पुछती बाला बंगला

हे बंगाली ,वो गुजराती पंजाबी

हे ओडिया , वो मराठी मद्रासी

एक देश के कितने टुकड़े

क्यूँ बटे जा रहे हम भारत वासी

नेताजी टैगोर की धरती

क्यूँ लाल हो रही रक्त सी

शर्मशार हो रही आजादी

अपने ही घर के झगड़ो से

जल रहा बंगाल क्यूँ

तानाशाही की हद हो गयी

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