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Dard ka Rishta – pyaar se badalna seekho

dard ka rishta

अक्सर हम देखते हैं कि दुःख मैं इंसान सब कुछ भूल जाता है और सुख मैं ही खोया रहता है | उन्हें सुख मैं किसी की जरूरत महसूस नहीं होती लेकिन जबी इंसान के ऊपर किसी कारन वश दुःख आ जाता है तो वह इंसान आशा करता है की कोई उसकी सहायता करे और उस दुखसे उसे निकले| लेकिन किसी के भी हाथ मैं यह नहीं है , समय अच्छा हो या ख़राब हमे हमेशा सभी के साथ मधुरता का व्यवहार रखना चाहिए | उसे हम निम्न उधाहरण के द्वारा समझ सकते हैं |

हरी एक गरीब किसान था | म्हणत करके गुजर -बसर करता था | वह अपनी ज़िन्दगी से बहुत खुश था | अचानक एक हादसे मैं उसकी पत्नी और बच्चे का देहांत होगया , वो भगवान् को प्यारे हो गए | हरी बहुत दुखी हुआ , दुःख का तो पहाड़ टूट पड़ा उसपर लेकिन हरी ने इतने दुःख मई भी अपने आप को टूटने नहीं दिया और कुछ समय पश्चात अपने आप को संभल लिया उसने | उसे बच्चों से बहुत प्यार था | अतः उसने सोचा वह अकेले मजूरी तो कर नहीं पायेगा क्यों न मैं बच्चों के लिए खिलोने बनाना शुरू करूँ | इस तरह मैं बच्चों से जुडा भी रहूँगा और उसने यह काम शुरू कर दिया | सुन्दर सुन्दर खिलोने बनाने लगा वह | अब उन्हें बेचने का सवाल उठा | वह सारे गावं मैं घूम घूम क्र सारे खिलोंने बेचने लगा वो बहुत सुन्दर गाता भी था |अतः गा गा कर सारे गावं मैं घुमने लगा “ आया रे खिलोने वाला खेल खिलोने लेके आया रे , आया रे , आओ मेरे आँख के तारो कहाँ गए ओ मेरे प्यारो , उसकी आवाज़ सुनकर बच्चे दौड़ दौड़ कर उसके पास आते और अपने मन पसंद खिलौना लेकर पैसे देकर चले जाते | कुछ बच्चे ऐसे भी होते थे जिनके पास पैसे नहीं होते थे तो हरी उन्हें मुफ्त मैं भी खिलौना दे दिया करता था | हरी के अच्छे व्यवहार ने और बच्चों के प्यार करने के कारन ने उसे पुरे गाँव मैं मशहूर कर दिया | गाँव मैं सभी उसे जानने लगे | गाँव वाले भी हरिया से बहुत प्यार करने लगे | हरिया को कोई भाई , कोई काका कहकर बुलाने लगे | सभी गाँव वाले हरिया को कुछ न कुछ खाने के लिए दे जाते थे | इस तरह उसका आराम से समय बीत ने लगा | एक बार अचानक गाँव मैं जोरो की आंधी तूफ़ानो का भयंकर प्रकोप हुआ | कई दिनों तक मुश्लाधार बारिश ने सब कुछ तेहेस नेहेस कर डाला | कईयों के तो घर के छप्पर भी उड़ गए | घर घर मई बच्चे पानी से भीगने के वजह से बीमार पड़ने लगे | दवाइयों की कमी होने लगी | यह सब देखकर हरिया का मन बहुत दुखी होने लगा बन सका हरिया ने सबकी बहुत मदद की | शेहेर से डॉक्टर बुलाया , दवाईयां मंगवाई गयी |धीरे धीरे स्तिथि काबू मैं आने लगी | लेकिन एक गरीब के दुःख का ठिकाना न रहा जब उनका इक लौता लड़का उनका एक मात्र सहरा बहुत बीमार हो गया | उसकी हालत दिन प्रतिदिन बिगडती ही जा रही थी | हरिया को मालूम पड़ा तो उससे रहा नहीं गया और वह तुरंत उस लड़के को लेकर शेहेर चला गया और अस्पताल में अच्छे डॉक्टर को दिखाया | जांच के बाद पता चला , काफी दिन तबियत ख़राब रहने के वजह से उस लड़के की किडनी पर असर हुआ है वो काम नहीं कर रही |यह देखकर हरिया को अपना दर्द याद आ गया वो डॉक्टर से मिला और कहा “डॉक्टर साहब इस बच्चे को कैसे भी बचना होगा , आप मुझे बताये क्या करना होगा ?” , तब डॉक्टर ने कहा “अगर कोई अपना किडनी देने को तैयार हो जाये तो ही बात बन सकती है ” |इसके लिए खर्च भी बहुत आएगा | हरिया ने सभी गाँव के सभ्य लोगों से बात की और पैसे का इन्तेजाम किया |फिर वह डॉक्टर से मिला और कहा पैसों का इन्तेजाम हो गया है | पैसे की चिंता न करें | किडनी तो अपनी दे दूंगा , आप ऑपरेशन करें और लड़के को बचा लें | डॉक्टर ने हरिया से कहा ” किडनी तो तुम्हारी लग जायेगी लेकिन तुम्हारी जान को खतरा हो सकता है”| हरिया ने कहा ” उसकी चिंता नहीं है मुझे”| मैंने तो अपनी ज़िन्दगी जी ली , इस लड़के की ज़िन्दगी बहुत कीमती है यह अपने माता पिता का एक लौता , घर चलाने वाला , उनको पालने वाला, कमाकर खिलने वाला बच्चा है |इस लड़के के सामने पूरी ज़िन्दगी पड़ी है ,यह अपने माँ बाप का सहारा है | इसे जीना चाहिए |डॉक्टर की आँखें भर आई | उन्होंने ने कहा ” सभी आप के जैसे सोचने लगा जाये तो बुरे दुनिया से खतम ही हो जाएगी” | डॉक्टर ने मुफ्त मई उसका इलाज किया और बच्चे को बचाया , अच्छे से अच्छा इलाज करके |

एस प्रकार हम देखते हैं की हरिया ने अपनी कोशिशों से इक गरीब परिवार को नयी ज़िन्दगी दे दी | प्रकृति से जो दर्द उसे मिला था | उस दर्द को अपने अच्छे व्यवहार से एक रिश्ते में बदल दिया | सबकी मदद कर , अपने मन को एक मीठा सा रिश्ता सबके साथ बना लिया और अपने जीवन को सार्थक कर लिया |

मंजू मधोगारिया .

(1) Comment

  1. […] का डर कुछ हद्द तक सही होता है क्यूंकि बहुत दर्द सह कर वह अपने बच्चे को पाती […]

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