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Holi ke tyohaar pe (hassi ke hasgulle)

होली का त्यौहार हसी खुशी मनाने का त्यौहार है |कभी कभी हमारे जीवन मैं अनाया सी ऐसे अवसर आ जातें हैं कि अपने आप ही हसी निकल जाती है | ऐसे मैं मुझे भी कुछ याद आ रहा है | कुछ साल पहले की बात है , होली आने वाली थी | हमारे मकान मैं बहुत से परिवार रहते थे |चार तल्ले का मकान था | पहले तल्ले मैं जो परिवार रहता था उसमे पांच भाई थे , एक भाई बरामदे से झाँक रहा था | तीसरे तल्ले मैं कुछ लोग खड़े थे | उस समय गुब्बारे मैं पानी भरकर एक दुसरे पर बहुत फेंकते थे |आज तो यह सब बंद हो गया है | हमारे हिन्दू समाज मैं जब कोई स्त्री माँ बन ने वाली होती है तो उसका परिचय प्रचिलित भाषा मैं कुछ इस प्रकार देते है कि फलाने का पैर भारी है या फिर फलाना की बहू नहायेडी है |या फिर फलाना को दिन चढ़ रखो है आदि आदि | तो उस दिन तीसरे माले के बरामदे मैं जो लड़के खड़े थे उनके हाथ मैं पानी से भरे गुब्बारे थे

पहले माले पर एक भाई को खड़ा देख उन्होंने गुब्बारे फेंकने की कोशिश की तो उसने यह कहते हुए मन कर दिया कि” भाई , मेरा

पैर भारी है मुझपर मत फेंको “| असल मैं उसे पारी मैं चोट लगी थी और सुजन आ गयी थी इसीलिए पत्ता भी बाँध रखा था | पर उसके इतना कहते ही मेरा पैर भारी है , सबको एकदम से हसी आ गयी | वह अन्दर चला गया | तब दूसरा भाई उसी जगह आकर खडा हो गया | ऊपर वाले लडको ने अब उसपर गुब्बारे फेंकने की कोशिशि की तो वो बोला यार मैं नहायेडो हूँ| अब तो हसी रुके का नाम नहीं ले रही थी ऊपर से आवाज़ आई कि एक भाई को पैर भारी है और दुसरो नहायेड़ो है | अब तो दोनों भाई गया काम से |और हमारे पेट मैं हस्ते हस्ते बल पड गए |इसी तरह का और एक प्रसन याद आता है |हमारे मोहल्ले मैं होली से कुछ दिन पहले एक लड़की को देखने कुछ लड़के आने थे | सारी तैयारी हो चुकी थी | समय पर लड़के वाले आ गए क्यूंकि होली का मौका था | इसीलिए ठंडाई शरबत आदि का प्रोग्राम बना था | लड़की के हाथ मैं शरबत की ट्रे दे दी गयी |उसमें चार गिलास थे , गुलाब , खुस , ठंडे आदि थे |तभी उसका भतीजा जो पाच बरस का था वह आया और उसकी बुआ का पल्लू पकड़ कर शरबत मांगने लगा | लडकी को जोर का झटका लगा |और वो संभल नहीं पायी और ट्रे उलट गयी | तथा सारे शरबत उछालकर होने वाले वर को जो सामने ही बैठा था पूरी तरह नेहला गए | उसके चेहरे पर , कपड़ो पर लाल हरे सब रंगों से ऐसी चित्रकारी हुई कि देखकर कपि भी अपने हसी रोक नहीं पाया | सबका हँसते हँसते बुरा हाल था | आशा है आप सबको भी हसी आई होगी , खूब हसते रहिये | हैप्पी होली |

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