jeevan ek kala

Jeevan ek kala ( Best poetry on life )

जिंदगी कहती है

यह जीवन तेरा है अनमोल

इसे व्यर्थ न जाने दे

कुषार्थ के दरवाजे खोल

जीवन जीना एक कला है

कला ही बनती है पहचान

जो इस कला से है वाकिफ

खुशियों से नहीं वो अनजान

जीवन की हर ख़ुशी हर गम में

संग रहें हम अपने कर्म के

सूरज की तरह , धरती की तरह

अविकारी रहें हम अपने धर्म में

ज़िन्दगी एक परीक्षा है , जिंदगी है संघर्ष

ज़िन्दगी हसने रोने का नाम है

मंजील पाने की कोशिश है

जो हस के जीना जानता है

जीवन के मायने छानता है

होती है ज़िन्दगी उसी पे मेहरबान जो

लक्ष को पहचानता है

इश्वर ने हमे जीवन दिया जीने को

ख़ुशी से जीना उसकी पूजा है

सम्मान है उसकी रचना का

रो रो के जीना भी कोई जीना है ?

ख़ुशी से जियें और जियें शान से

ऐसा होना चाहिए

साधन कम हो कोई बात नहीं है

प्यार कम नहीं होना चाहिए

जीवन एक कला अनमोल

कोई बिरला जाने इसका मोल

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